इकाई-1
भारतीय इतिहास - भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास,
हड़प्पा सभ्यता से 10 वीं शताब्दी तक।
इकाई-2
11 वीं से 18 वीं शताब्दी तक भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक
इतिहास।
मुगल शासक और उनका प्रशासन, मिश्रित संस्कृति का अभ्युद्य।
ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव ।
इकाई-3
ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिकिया रू कृषक एवं आदिवासियों का विद्रोह,
प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन/संग्राम। भारतीय पुनर्जागरण रू राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं
इसके नेतृत्वकर्ता।
गणतंत्र के रूप में भारत का उदय, राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश का गठन, स्वतंत्रता
प्राप्ति के पश्चात के प्रमुख घटनाएँ।
इकाई-4
मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन।
भारतीय सांस्कृतिक विरासत (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में) - प्राचीन काल से आधुनिक
काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सव) एवं वास्तुकला के प्रमुख पक्ष।
म.प्र. में विश्व धरोहर स्थल एवं पर्यटन ।
इकाई-5
मध्यप्रदेश की प्रमुख रियासतें :- गोंडवाना, बुन्देली, बघेली, होल्कर, सिंधिया एव
भोपाल रियासत (प्रारंभ से स्वतंत्रता प्राप्ति तक)।
वर्तमान मध्यप्रदेश के भौगोलिक संदर्भ में।
प्रथम प्रश्न पत्र (खण्ड-ब)
भूगोल
इकाई-1
विश्व का भूगोल
प्रमुख भौतिक लक्षण :- पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ, झीलें एवं हिमनद।
प्रमुख भौगोलिक घटनाएँ :- भूकंप, सूनामी, ज्वालामुखी क्रिया, चक्रवात।
विश्व की जलवायु :- जलवायु एवं ऋतुएँ, वर्षा का वितरण एवं जलवायु प्रदेश, जलवायु
परिवर्तन एवं उसके प्रभाव।
इकाई-2
भारत का भूगोल
प्रमुख भौतिक स्वरूप :- पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ, झीलें एवं हिमनद।
भारत के भू-आकृतिक प्रदेश।
जलवायु :- मानसून की उत्पत्ति, एल नीनों, जलवायु एवं ऋतुएँ, वर्षा का वितरण एवं
जलवायु प्रदेश।
प्राकृतिक संसाधन प्रकार एवं उपयोग
(क) जल, वन, मृदा
(ख) शैल एवं खनिज
जनसंख्याः- वृद्धि, वितरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता, प्रवास, ग्रामीण एवं नगरीय
जनसंख्या।
खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग :- संभावनाएँ एवं महत्त्व, उद्योगों का
स्थानीयकरण, उद्योग की पूर्ववर्ती एवं अग्रवर्ती आवश्यकताएँ, मांग-पूर्ति श्रृंखला प्रबंधन ।
इकाई-3
मध्यप्रदेश का भूगोल
प्रमुख भूआकारिकी (Geomorphic) प्रदेश- नर्मदा घाटी एवं मालवा पठार के विशेष
संदर्भ में।
प्राकृतिक वनस्पति एवं जलवायु ।
मृदाः- मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण, मृदा प्रसंस्करण एवं मृदा निर्माण,
मृदा क्षरण एवं हास की समस्याएँ। समस्याग्रस्त मृदा एवं उसके परिष्कार के तरीके।
जलग्रहण आधार पर मृदा संरक्षण नियोजन ।
खनिज एवं ऊर्जा संसाधनः- प्रकार, वितरण एवं उपयोग।
प्रमुख उद्योगः- कृषि उत्पाद, वन एवं खनिज आधारित उद्योग।
राज्य की जनजातियाँ :- आपदाग्रस्त जनजातियों के विशिष्ट संदर्भ में।
इकाई-4
जल एवं आपदा प्रबंधन
पेयजल :- आपूर्ति, जल की अशुद्धि के कारण एवं गुणवत्ता प्रबंधन।
जल-प्रबंधन।
भू-जल एवं जल संग्रहण।
प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाएँ, आपदा प्रबंधन की अवधारणाएँ एवं विस्तार की
संभावनाएँ, विशिष्ट खतरे एवं उनका शमन।
सामुदायिक योजना :- संसाधन मानचित्रण, राहत एवं पुनर्वास, निरोधक एवं
प्रशासनिक उपाय, सुरक्षित निर्माण, वैकल्पिक संचार एवं जीवन-रक्षा हेतु दक्षता।
इकाई-5
भूगोल की आधुनिक तकनीक
सुदूर संवेदन - सिद्धान्त, विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम, घटक, उपग्रहों के प्रकार, सुदूर
संवेदन का उपयोग।
जी.आय.एस.(भौगोलिक सूचना प्रणाली) - घटक एवं उपयोग।
जी.पी.एस.(भौगोलिक पोजिशनिंग सिस्टम) - आधारभूत संकल्पना एवं उपयोग।
द्वितीय प्रश्न पत्र (खण्ड-अ)
संविधान, शासन व्यवस्था, राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना
इकाई-1
भारतीय संविधानः- निर्माण, विशेषताएँ, मूल ढाँचा एवं प्रमुख संशोधन ।
वैचारिक तत्वः- उद्देशिका, मूल अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य ।
संघवाद, केन्द्रः- राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन,
न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका।
इकाई-2
भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग,
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं नीति आयोग,
भारतीय राजनीति में जाति, धर्म,वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका,
भारतीय राजनीति में राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, सिविल सोसायटी एवं जन
आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे ।
इकाई-3
संविधान के 73 वें एवं 74 वें संशोधन के संदर्भ में जनभागीदारी एवं स्थानीय शासन।
जवाबदेही एवं अधिकार:- प्रतिस्पर्धा आयोग, उपभोक्ता फोरम, सूचना आयोग, महिला
आयोग, मानव अधिकार आयोग, अजा/अजजा/अपिव आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग।
लोकतंत्र की विशेषताएँ:- राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की
भागीदारी।
समुदाय आधारित संगठन (CBO), गैर सरकारी संगठन (NGO) एवं स्व-सहायता समूह
(SHG)।
मीडिया की भूमिका एवं समस्याएँ (इलेक्ट्रानिक, प्रिन्ट एवं सोशल मीडिया)
इकाई-4
भारतीय राजनीतिक विचारक
कौटिल्य, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर
लोहिया, डॉ.बी.आर. अम्बेडकर, दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण।
इकाई-5
प्रशासन एवं प्रबंधनः- अर्थ, प्रकृति एवं महत्त्व, विकसित एवं विकासशील समाजों में
लोक प्रशासन की भूमिका, एक विषय के रूप में लोक प्रशासन का विकास, नवीन लोक
प्रशासन, लोक प्रशासन के सिद्धांत
अवधारणाएँ:- शक्ति, सत्ता, प्राधिकारी, उत्तरादायित्व एवं प्रत्यायोजन
(Delegation)।
संगठन के सिद्धांत, पदसोपान, नियंत्रण का क्षेत्र एवं आदेश की एकता।
लोक प्रबंधन के नवीन आयाम, परिवर्तन का प्रबंधन एवं विकास प्रशासन।
द्वितीय प्रश्न पत्र (खण्ड-ब)
अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र
इकाई-1
भारत में कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के मुद्दे एवं पहल ।
भारत में राष्ट्रीय आय की गणना।
भारतीय रिजर्व बैंक एवं व्यापारिक बैंकों के कार्य, वित्तीय समावेशन, मौद्रिक नीति।
अच्छी कर प्रणाली की विशेषताएँ - प्रत्यक्ष कर एवं अप्रत्यक्ष कर, सब्सिडी, नकद लेन
देन, राजकोषीय नीति।
लोक वितरण प्रणाली, भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ,
गरीबी, बेरोजगारी एवं क्षेत्रीय असंतुलन।
भारत का अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं भुगतान संतुलन, विदेशी पूँजी की भूमिका, बहुराष्ट्रीय
कंपनियाँ, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, आयात-निर्यात नीति, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व
बैंक, एशियाई विकास बैंक, विश्व व्यापार संगठन, आसियान, सार्क, नाफ्टा एवं ओपेक।
इकाई-2
मध्यप्रदेश के संदर्भ में
प्रमुख फसलें, कृषि जोत क्षेत्र एवं फसल प्रतिरूप, फसलों के उत्पादन एवं वितरण का
भौतिक एवं सामाजिक पर्यावरणीय प्रभाव, बीज एवं खाद की गुणवत्ता एवं आपूर्ति से
जुड़े मुद्दे, कृषि के तरीके, उद्यानिकी, मुर्गीपालन, डेरी, मछली एवं पशुपालन आदि के
मुद्दे एवं समस्याएँ, कृषि उत्पादन, परिवहन, भण्डारण एवं विपणन से संबंधित समस्याएँ
एवं चुनौतियाँ।
कृषि की कल्याणकारी योजनाएँ।
सेवा क्षेत्र का योगदान।
मध्यप्रदेश का आधारभूत ढाँचा एवं संसाधन ।
मध्यप्रदेश का जनांकिकी परिदृश्य और मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव।
औद्योगिक क्षेत्र, संवृद्धि, प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ ।
कुशल मानव - संसाधन की उपलब्धता, मानव संसाधन का नियोजन एवं उत्पादकता,
रोजगार के विभिन्न चलन (ट्रेंड्स)।
इकाई-3
मानव-संसाधन विकास
शिक्षाः- प्रारंभिक शिक्षा, उच्चशिक्षा एवं तकनीकी एवं चिकित्सकीय शिक्षा, व्यवसायिक
शिक्षा की गुणवत्ताएँ, बालिकाओं की शिक्षा।
निम्नलिखित वर्गों से संबंधित सामाजिक मुद्दे एवं उनके कल्याणकारी कार्यक्रम :- निःशक्त
वर्ग, वृद्धजन, बालक, महिलाएँ, सामाजिक रूप से वंचित वर्ग, विकास परियोजनाओं के
फलस्वरूप विस्थापित वर्ग।
इकाई-4
सामाजिक समरसता के घटक, सभ्यता और संस्कृति की अवधारणा। भारतीय संस्कृति
की विशेषताएँ। संस्कार रू विविध संदर्भ। वर्ण व्यवस्था। आश्रम, पुरुषार्थ, चतुष्ट्य धर्म व
मत-पंथों का समाज पर प्रभाव, विवाह की पद्धतियाँ।
सामुदायिक विकास कार्यक्रम, प्रसार शिक्षा, पंचायतीराज सामुदायिक विकास में गैर
सरकारी संगठनों (छळव्) की भूमिका, स्वसेवा के क्षेत्र में ग्रामीण विकास की नवीन
प्रवृतियाँ, कुटुम्ब न्यायालय।
इकाई-5
जनसंख्या और स्वास्थ्य-समस्याएँ, स्वास्थ्य शिक्षा एवं सशक्तिकरण, परिवार कल्याण
कार्यक्रम, जनसंख्या नियंत्रण।
मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति, सामाजिक संरचना, रीति-रिवाज, मान्यताएँ,
विवाह, नातेदारी, धार्मिक विश्वास व परंपराएँ, जनजातियों में प्रचलित पर्व व उत्सव।
महिला शिक्षा, पारिवारिक स्वास्थ्य, जन्म-मृत्यु समंक, कुपोषण के कारण और प्रभाव,
पूरक पोषण हेतु शासकीय कार्यक्रम प्रतिरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी दखल-प्रतिरक्षण,
संक्रामक और असंक्रामक बीमारियों के उपचार ।
विश्व स्वास्थ्य संगठनः- उद्देश्य, संरचना, कार्य एवं कार्यक्रम ।
तृतीय प्रश्न पत्र
विज्ञान एवं तकनीकी
इकाई-1
कार्य, बल एवं ऊर्जाः- गुरुत्वाकर्षण बल, घर्षण, वायुमंडलीय दबाव एवं कार्य।
इकाइयाँ और माप, दैनिक जीवन के उदाहरण।
गति, वेग, त्वरण
ध्वनिः- परिभाषा, प्रसार का माध्यम, श्रव्य और अश्रव्य ध्वनि, शोर और संगीत। ध्वनि
संबंधित शब्दावली- आयाम, तरंग-लंबाई, कंपन की आवृत्ति।
विद्युतः- विभिन्न प्रकार के सेल, परिपथ।
चुंबक:- गुण, कृत्रिम चुंबक का निर्माण एवं उपयोग।
प्रकाशः- परावर्तन, अपवर्तन, दर्पण एवं लेंस, प्रतिबिंब निर्माण।
ऊष्माः- ताप मापन, थर्मामीटर, ऊष्मा का रूपान्तरण।
इकाई-2
तत्व, यौगिक और मिश्रणः- परिभाषा, रासायनिक प्रतीक, गुण, पृथ्वी पर उपलब्धता।
पदार्थ, धातुएँ और अधातुएँ, आवर्त-सारणी एवं आवर्तता।
परमाणु,परमाणु-संरचना,संयोजकता,बंध, परमाणु-संलयन और विखंडन।
अम्ल, क्षार और लवण, पीएच. मान सूचक।
भौतिक और रासायनिक परिवर्तन।
दैनिक जीवन में रसायन
इकाई-3
सूक्ष्मजीव एवं जैविक-कृषि
कोशिका-संरचना एवं कार्य, जन्तुओं एवं पौधों का वर्गीकरण।
पौधों, पशुओं एवं मनुष्यों में पोषण, संतुलित आहार, विटामिन, हीनताजन्य रोग,
हार्मोन्स, मानव शरीर के अंग, संरचना एवं कार्य-प्रणाली।
जीवों में श्वसन।
पशुओं और पौधों में परिसंचरणध्परिवहन (ट्रांसर्पोटेशन)
पशुओं और पौधों में प्रजनन।
स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बीमारियाँ ।
इकाई-4
कंप्यूटर के प्रकार, विशेषताएँ एवं पीढ़ी (जनरेशन)।
मेमोरी, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेस, स्टोरेज डिवाइस, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर,
ऑपरेटिंग सिस्टम, विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के उपयोग।
कंप्यूटर की भाषाएँ, कम्पाईलर, ट्रान्सलेटर, इन्टरप्रिटर तथा एसेंबलर ।
इन्टरनेट एवं ई-मेल
सोशल मीडिया,
ई-गवर्नेस.
विभिन्न उपयोगी पोर्टल और साइट और वेबपेजेस।
इकाई-5
संख्याएँ एवं प्रकार, इकाई मापन की विधियाँ, समीकरण एवं गुणनखंड, लाभ हानि,
प्रतिशत, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, अनुपात-समानुपात ।
सांख्यिकी:- प्रायिकता, केन्द्रीय प्रवृत्ति (माध्य, माध्यिका एवं बहुलक) एवं विचरणशीलता
की माप, प्रादर्श के प्रकार।
इकाई-6
संक्रामक रोग एवं उनकी रोकथाम।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम ।
आयुष (AYUSH) चिकित्सा पद्धतियाँ आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी
चिकित्सा पद्धतियों की प्रारंभिक जानकारी।
केन्द्र एवं राज्य शासन की महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी कल्याणकारी योजनाएँ।
केन्द्र एवं राज्य शासन के महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य संगठन।
इकाई-7
मानव जीवन पर विकास के प्रभाव, स्वदेशी प्रौद्योगिकी की सीमाएँ।
रिमोट सेंसिंग का इतिहास, भारत में रिमोट सेंसिंग।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र,
इन्दौर (RRCAT), सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र, श्री हरि कोटा (SDSC), रक्षा
अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भाभा परमाण्विक अनुसंधान केन्द्र, मुम्बई
(BARC), टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, मुम्बई (TIFR), राष्ट्रीय वायुमण्डलीय
अनुसंधान प्रयोगशाला, तिरूपति (NARL), तरल प्रणोदन प्रणाली केन्द्र, बैंगलुरू
(LPSC), अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र, अहमदाबाद (SAC), इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क,
बैंगलुरू (IDSN), इंडियन स्पेस साइंस डाटा सेंटर, बैंगलुरू (ISSD, विक्रम साराभाई
अंतरिक्ष केन्द्र, तिरूअनन्तपुरम (VSSC), भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीकी
संस्थान, तिरूअनन्तपुरम (IIST), राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केन्द्र, हैदराबाद (NRSC),
भारतीय सुदूर संवेदी संस्थान, देहरादून (IIRS), उक्त संस्थानों की सामान्य जानकारी ।
भूस्थिर उपग्रह, प्रक्षेपण यानों की पीढ़ियाँ (जनरेशन)।
जैव प्रौद्योगिकी - परिभाषा, स्वास्थ्य और चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, उद्योग और
पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में उपयोग।
क्लोन्स, रोबोट्स एवं कृत्रिम बुद्धिमता।
बौद्धिक संपदा के अधिकार एवं पेटेंट (ट्रिप्स, ट्रिम्स)
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों का योगदान- चंद्रशेखर वेंकट रमन,
हरगोविंद खुराना, जगदीश चंद्र बसु, होमी जहाँगीर भाभा, एम. विश्वैशरैया, श्रीनिवास
रामानुजन, विक्रम साराभाई, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, सत्येन्द्र नाथ बोस, राजा रमन्ना,
प्रफुल्लचन्द्र रॉय।
विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार।
इकाई-8
ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत- अर्थ, परिभाषा, उदाहरण और अंतर।
ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा-प्रबंधन, संगठनात्मक एकीकरण, परिचालन कार्यों में ऊर्जा-प्रबंधन,
ऊर्जा-क्रय, उत्पादन, उत्पादन योजना और नियंत्रण, रखरखाव।
ऊर्जा रणनीतियों से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ
ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत- वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाएँ। सौर ऊर्जा, पवन
ऊर्जा, महासागरीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा, जैव-ईधन आदि।
इकाई-9
पर्यावरण की परिभाषा, क्षेत्र एवं आयाम:- भौतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक,
मनोवैज्ञानिक आदि, भारतीय संदर्भ में पर्यावरण की अवधारणा, आधुनिक विश्व में
पर्यावरण की अवधारणा।
मानव गतिविधियों का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण से संबंधित नैतिकता और मूल्य,
जैव-विविधता, पर्यावरण प्रदूषण, पर्यावरण-परिवर्तन।
पर्यावरण से संबंधित समस्याएँ और चुनौतियाँ, पर्यावरणीय क्षरण के कारण और प्रभाव।
पर्यावरण शिक्षा:- सार्वजनिक जन जागरूकता के कार्यक्रम, पर्यावरण शिक्षा एवं उसका
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंध ।
पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी, ऊर्जा का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक
प्रावधान। पर्यावरण संरक्षण नीतियाँ और नियामक ढाँचा।
इकाई-10
भू-गर्भशास्त्र की परिभाषा एवं महत्त्व, पृथ्वी- भूपर्पटी, मेंटल, कोर, स्थलमंडल,
जलमंडल, पृथ्वी की उत्पत्ति एवं आयु, भूवैज्ञानिक समयसारणी, शैल (चट्टान)-
परिभाषा, प्रकार - आग्नेय, अवसादीय, कायांतरित शैले, खनिज एवं अयस्क, जीवाश्म,
अपक्षय एवं अपरदन, मृदानिर्माण, भूमिगतजल, प्राकृतिक कोयला, प्राकृतिक तेल एवं
गैस ।
चतुर्थ प्रश्नपत्र
दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन
इकाई-1
दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक:- सुकरात, प्लेटो, अरस्तू, महावीर, बुद्ध, आचार्य
शंकर, चार्वाक, गुरुनानक, कबीर, तुलसीदास, रवीन्द्रनाथ टैगोर, राजाराम मोहन राय,
सावित्री बाई फुले, स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द एवं
सर्वपल्ली राधाकृष्णन ।
इकाई-2
मनोवृत्तिः- विषयवस्तु, तत्व, प्रकार्य रू मनोवृत्ति का निर्माण, मनोवृत्ति परिवर्तन,
प्रबोधक संप्रेषण, पूर्वाग्रह तथा विभेद, भारतीय संदर्भ में रुढ़िवादिता ।
अभिक्षमता एवं लोक सेवा हेतु आधारभूत योग्यताएँ, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं
असमर्थकवादी, वस्तुनिष्ठता, लोक सेवा के प्रति समर्पण, समानुभूति, सहिष्णुता एवं
कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनाध्करुणा।
संवेगिक बुद्धिः- अवधारणा, प्रशासन/शासन में इसकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग।
व्यक्तिगत भिन्नताएँ।
इकाई-3
मानवीय आवश्यकताएँ एवं अभिप्रेरणा
लोक प्रशासन में नैतिक सद्गुण एवं मूल्यः- प्रशासन में नैतिक तत्व-सत्यनिष्ठा,
उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के
रूप में अन्तरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन।
इकाई-4
भ्रष्टाचार :- भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम
करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) की
भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल,
लोकपाल एवं लोकायुक्त।
इकाई-5
केस स्टडीजः- पाठ्यक्रम में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित।
पंचम प्रश्न पत्र
सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण
कुल अंक- 200
इस प्रश्नपत्र का स्तर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों के समकक्ष होगा। इसका उद्देश्य
उम्मीद्वार की पढ़ने व समझने, भाषायी दक्षता, लेखन की योग्यता एवं हिन्दी में स्पष्ट तथा
सही विचार व्यक्त करने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
सामान्यतः निम्नलिखित विषय-सामग्री पर प्रश्न पूछे जाएँगे।
(क) लघुत्तरीय प्रश्न :- निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अंतर्गत ही पूछे जाएँगे।
(ख) अलंकार- शब्दालंकार-अनुप्रास, यमक,श्लेष
अर्थालंकार- उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा
(ग) अनुवाद वाक्यों का :-हिन्दी से अंग्रेजी एवं अंग्रेजी से हिन्दी।
(घ) (1) संधि एवं समास (2) विराम चिह्न।
(ड़) प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावलियाँ-
1. प्रशासनिक परिभाषिक शब्दावली (हिन्दी/अंग्रेजी)
2. मुहावरे एवं कहावतें
3. विलोम शब्द
4. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
5. तत्सम एवं तद्भव शब्द
6. पर्यायवाची शब्द
7. मानक शब्दावली
(च) अपठित गद्यांश
(छ) पल्लवन-रेखांकित अथवा दी गई पंक्तियों का भाव पल्लवन।
(ज) संक्षेपण :- गद्यांश का एक तिहाई शब्दों में संक्षेपण।
षष्ठ प्रश्नपत्र
हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन
1. प्रथम निबंध (लगभग 1000 शब्दों में) - निम्नांकित क्षेत्रों से निबंध पूछा जा सकता है।
जैसे- पर्यावरण, विज्ञान, धर्म-आध्यात्म, शिक्षा में गुणवत्ता, आधुनिकीकरण,
भूमंडलीकरण, उदारीकरण, कृत्रिम बुद्धिमता, परम्परागत खेल, सांस्कृतिक विरासत,
सभ्यता एवं संस्कृति, योग एवं स्वास्थ्य, ई-मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, नेतृत्व एवं विकास,
सुशासन, नौकरशाही, जनजातीय विकास, राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक
जीवन, सामाजिक सरोकार, नवीनीकरणीय ऊर्जा, सतत् विकास लक्ष्य, मादक पदार्थों
का सेवन एवं दुष्प्रभाव, घरेलू हिंसा, बाह्य एवं आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे, व्यवसायगत
सरलता आदि। (लगभग 1000 शब्दों में)
2. द्वितीय निबंध - समसामयिक समस्याएँ एवं निदान (लगभग 500 शब्दों में)
3. प्रारूप लेखन - शासकीय व अर्धशासकीय पत्र, परिपत्र (सक्यूलर), प्रपत्र, विज्ञापन ,
आदेश, पृष्ठांकन, अनुस्मारक (स्मरण पत्र). प्रतिवेदन (रिपोर्ट राइटिंग) अधिसूचना
(नोटिफिकेशन), टिप्पण लेखन आदि। लगभग-250 शब्द - (कोई दो)
Download Syllabus: